पप्पू किसी भी कीमत पर spoken english नहीं सीख सकता ।

यह बात सही है कि पप्पू से spoken english सीखने की उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि वह एक ही क्लास में पाँच बार पढ़ने के बाद बहुत मुश्किल से पास हुआ था ।
उससे कोई भी यहाँ तक कि उसके पिता जी भी जीवन में कुछ कर पाने की उम्मीद नहीं कर सकते थे; रह गई बात spoken english की तो आप इस बारे में उससे बात न करें तो शायद उसे अच्छा लगेगा क्योंकि यही वह Subject था जिसकी वजह से उसे पांच साल तक एक ही क्लास में पापड़ बेलना पड़ा ।
क्या आपको लगता है कि पप्पू सारी बाधाओं के बाद भी spoken english सीखने की हिम्मत जुटा पाएगा ? क्या वह अपने पैरों पर खड़ा होकर अपने पिता जी को यह साबित करके दिखा देगा कि वह भी किसी से कम नहीं; तो चलिए देखते हैं कि वह spoken english सीखने की हिम्मत कहां से लाता है ?
यह बात सही है कि पप्पू से spoken english सीखने की उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि वह एक ही क्लास में पाँच बार पढ़ने के बाद बहुत मुश्किल से पास हुआ था । उससे कोई भी यहाँ तक कि उसके पिता जी भी जीवन में कुछ कर पाने की उम्मीद नहीं कर सकते थे; रह गई बात spoken english की तो आप इस बारे में उससे बात न करें तो शायद उसे अच्छा लगेगा क्योंकि यही वह Subject था जिसकी वजह से उसे पांच साल तक एक ही क्लास में पापड़ बेलना पड़ा ।

पप्पू में spoken english सीखने की हिम्मत आयी कहाँ से :

पप्पू पांच साल से एक ही क्लास इंटरमीडिएट में पढ़ रहा था जबकि उसके साथ पढ़ने वाले उसकी उम्र के लड़के कॉलेज पास कर नौकरी में लग गए थे ।
बेचारा, पप्पू ! बहुत मुश्किल से पास हुआ; उसके पास होने पर लोगों के मुँह से शाबाशी निकलने के बजाए यह निकला कि अब पप्पू का क्या होगा - क्या वह जिन्दगी में कुछ कर पाएगा या धरती का बोझ बनकर रह जाएगा ? हे, भगवान उसकी मदद करना ।
पप्पू लोगों की ताने भरी बातें सुन-सुन कर बहुत ज्यादा दुखी और निराश हो गया था । उसके पिता जी भी यह मान लिए थे कि पप्पू का अब कुछ नहीं होने वाला-अब वह मेरे सर का बोझ बनकर रह जाएगा ।

क्या पप्पू को इस बात का ऐहसास होगा कि वह भी english सीख सकता है :

पप्पू को पांच बार एक ही क्लास में पढ़ने के बाद मुश्किल से पास होने से यह अनुभव हो जाना चाहिए था कि बार-बार किसी काम को करने से लोगों को सफलता जरुर मिलती है जैसा कि पप्पू को मिला था ।
एक दिन पप्पू घर से दूर निराश लॉन में बैठा हुआ था कि इस बीच एक आदमी आया और उसके बगल में बैठ गया ।
पप्पू को काफी निराश देखकर उससे रह नहीं गया तो उसने पप्पू से पूछा " क्या हुआ ? तुम काफी दुखी लग रहे हो - क्या तुम घर से भाग आये हो ? "
पप्पू बिना कुछ कहे नहीं में सिर हिलाया ।

क्या आपको लगता है कि वह आदमी पप्पू को english सीखने की हिम्मत देगा :

जब पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने दुबारा उससे पूछा," तो तुम खुद से भाग रहे हो ? " उस आदमी ने पप्पू की चुप्पी तोड़ने की कोशिश की, " बोलो, जवाब दो ! "
" हाँ, " पप्पू बोला, " मेरे जैसा बेकार लड़का आपको कहीं नहीं मिलेगा ! "
" क्या हुआ-फेल हो गए हो ? "
" नहीं, पास हो गया हूँ ! "
" फिर तुम मुँह बनाकर क्यों बैठे हो ? " उस आदमी ने शांत लहजे में कहा," पास होने वाले लोग पीछे नहीं आगे सोचते हैं । "
" आपको शायद नहीं पता," पप्पू बोला, " मैं पांच बार फेल होने के बाद पास हुआ हूँ - वो भी बहुत मुश्किल से ! "
" मुश्किल नाम की कोई चीज़ नहीं होती; तुम पास हो गए - यह बहुत बड़ी बात है; अब तुम आगे क्या करना चाहते हो - उस पर पूरा ध्यान लगाओ । "

क्या ध्यान लगाने से पप्पू की english सीखने की समस्या दूर हो जाएगी :

" क्या ध्यान लगाने से मुझे वह मिल जाएगा जो मैं चाहता हूँ । " पप्पू बोला, " अगर ऐसा हो जाए तो मेरी सारी समस्याएँ दूर हो जाएंगी । "
" तुम क्या चाहते हो ? "
" मैं spoken english सीखना चाहता हूँ  । "
" तो सीखो - तुम्हें कौन रोकता है ? "
" मेरे गांव वाले - मेरे पिता जी ! " पप्पू दुखी मन से बोला, " कहतें हैं कि मैं जीवन में कुछ नहीं कर पाऊँगा; english सीखना मेरे बस की बात नहीं - मेरे पड़ोस के लड़के कहते हैं ! "
" लोग क्या कहते हैं - इससे कोई फर्क नहीं पड़ता," उस आदमी ने पप्पू की पीठ थपथपाते हुए कहा, " बेटा, सुनो सबकी पर करो अपने मन की; तुम्हारा मन क्या कहता है ? "

क्या पप्पू का मन पप्पू को english सीखने की हिम्मत देगी :

" अभी तक मैने पूछा नहीं ! "
" तो तुम अपनी दोनों आँखे बंद करो और अपने मन से पूछो कि वह क्या चाहता है ! "
पप्पू कुछ समय के लिए आँखे बंद कर लिया और जब उसने आँखे खोली तो वह हैरान था ।
" क्या जवाब मिला ? " उस आदमी ने पूछा ।
" मेरा मन कहता है कि," पप्पू बोला, " अगर मैं कोशिश करुँ तो मैं कुछ भी कर सकता हूँ ; spoken english सीखना तो बहुत छोटी बात हो गयी । "
" यह हुई न बात ! " उस आदमी ने कहा, " बेटा, कभी भी लोगों की बातें सुनकर अपने मन को कमजोर मत बनाना - आशा रखना और जिन्दगी की हर परीक्षा में डटकर खड़े रहना; तुम्हें जीत जरुर मिलेगी । "
" अंकल, कहीं आप भगवान तो नहीं ! "
" जो तुम समझ लो ! " वह आदमी मुस्कुराते हुए बोला, " अगर भगवान भी होते तो यही बात कहते क्योंकि वे कभी भी अपनी बनाई हुई चीज़ को टूटते हुए नहीं देखना चाहते । "
Conclusion : और इस तरह से पप्पू की खोई हुई हिम्मत वापस आ गयी और वह spoken english सीखना शुरु कर दिया ; कुछ महीनों की मेहनत के बाद पप्पू अंग्रेजी बोलना शुरु कर दिया और english के दम पर उसे नौकरी भी मिल गयी । पप्पू की तरह आप भी खुद को रोक कर मत रखिये; आगे बढिए और जीतिये ।
पप्पू किसी भी कीमत पर spoken english नहीं सीख सकता । पप्पू किसी भी कीमत पर spoken english नहीं सीख सकता । Reviewed by angreji masterji varanasi on October 03, 2018 Rating: 5
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